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जंतर-मंतर पर CJP ने खत्म किया आंदोलन, सरकार से बनी सहमति

जंतर-मंतर पर कई दिनों से चल रहा CJP का आंदोलन खत्म हो गया। सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, एफआईआर वापसी और मुआवजे समेत प्रमुख मांगें मानने पर सहमति जताई।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Government CJP Talks: कई दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद आधिकारिक तौर पर धरना खत्म करने का ऐलान कर दिया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों पक्षों ने बताया कि प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन वापस लिया जा रहा है। CJP के प्रवक्ताओं ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी मांग पूरी हो चुकी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद संगठन ने घोषणा की कि अब जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन समाप्त किया जाता है।

सरकार ने मानी सारी मांगें

सरकार और CJP के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर भी सकारात्मक फैसला लिया गया है। सरकार ने दिल्ली में आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई है। साथ ही यह भरोसा भी दिया गया कि भविष्य में आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार जल्द ही एफआईआर से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराएगी और लिखित आश्वासन भी दिया जाएगा। उनके मुताबिक दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद यह सहमति बनी है।

मुआवजे पर भी बनी सहमति

प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि आंदोलन के दौरान उठाई गई मुआवजे की मांग पर भी सरकार ने सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपये के मुआवजे को लेकर सकारात्मक फैसला लिया गया है और संबंधित प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।

तीन दौर की बातचीत के बाद समाधान

जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ CJP प्रतिनिधियों की तीन चरणों में बैठक हुई। लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्ष कई अहम मुद्दों पर सहमत हुए, जिसके बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

जंतर-मंतर पर सामान्य हुई स्थिति

आंदोलन खत्म होने के साथ ही जंतर-मंतर क्षेत्र में सामान्य स्थिति लौटने लगी है। प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है, जबकि प्रदर्शनकारी इसे अपनी मांगों की सफलता और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन की उपलब्धि बता रहे हैं। वहीं सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों और कानून-व्यवस्था दोनों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने का प्रयास किया गया है।

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